न्याय योजना पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बयान से आचार संहिता का उल्लंघन- EC

न्याय योजना पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बयान से आचार संहिता का उल्लंघन- EC 1

नई दिल्ली

इलेक्शन कमिशन ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार द्वारा कांग्रेस के चुनावी वादे के रूप में घोषित ‘न्याय योजना’ की आलोचना को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना है। आयोग ने कुमार को ऐसे मामलों में भविष्य में सतर्कता बरतने की नसीहत दी है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को राजीव कुमार के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए कहा कि उनका बयान निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करता है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष को भेजे एक पत्र में चुनाव आयोग ने कहा, ‘आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आपके बयानों से MCC नियमों का उल्लंघन हुआ है।’ आयोग ने पत्र के जरिए राजीव कुमार के बयानों के लिए उनसे नाराजगी जताई है।

राजीव कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा घोषित न्याय योजना के तहत देश के 20 करोड़ निर्धन परिवारों को न्यूनतम आय के रूप में सालाना 72 हजार रुपये देने की आलोचना की थी। उन्होंने इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया था। बतौर नौकरशाह, उनके बयान से आचार संहिता का उल्लंघन होने की शिकायत पर आयोग द्वारा जारी नोटिस के जवाब में दो अप्रैल को कुमार ने कहा था कि उन्होंने न्याय योजना के बारे में अर्थशास्त्री के तौर पर अपनी निजी राय व्यक्त की थी।

राजीव कुमार ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में बयान नहीं दिया था। आयोग ने कुमार के जवाब पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधान प्रत्येक लोक सेवक से निर्वाचन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किए जाने की अपेक्षा करते हैं। इसके लिए लोक सेवकों को तटस्थ रवैया अपनाना चाहिए, जिससे चुनाव प्रक्रिया के सभी पक्षकारों के मन में कोई भ्रम पैदा न हो।

चुनाव आयोग ने कहा, ‘आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि राजीव कुमार के बयानों से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इसके मद्देनजर आयोग इस पर अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए अपेक्षा करता है कि भविष्य में आप इस बारे में सतर्कता बरतेंगे।’

राजीव कुमार ने न्याय योजना के सिलसिले में ट्वीट कर कहा था, ‘प्रस्तावित आय गारंटी स्कीम इकनॉमिक्स टेस्ट, राजकोषीय अनुशासन टेस्ट, एक्ज़िक्यूशन टेस्ट में फेल साबित होती है।’ कुमार ने आरोप लगाया था कि चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस चांद लाकर देने का वादा कर रही है।