गिरिराज सिंह ने शुरू किया चुनाव प्रचार, कन्हैया पर किया वार

गिरिराज सिंह ने शुरू किया चुनाव प्रचार, कन्हैया पर किया वार 1

बेगूसराय

लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में बेगूसराय की ‘हॉट सीट’ पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो चला है। नवादा सीट पर चुनाव के लिए अड़े रहने के बाद अब गिरिराज सिंह पार्टी के फैसले के मुताबिक बेगूसराय में चुनावी घमासान के लिए तैयार हैं। उधर, गिरिराज को चुनौती देने के लिए युवा नेता कन्हैया कुमार भी लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। वहीं आरजेडी के तनवीर हसन की मौजूदगी से इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की भी संभावना है। हालांकि इस सीट पर लोगों की दिलचस्पी गिरिराज और कन्हैया कुमार की लड़ाई में अधिक है।

दरअसल, गिरिराज सिंह लंबे समय तक नवादा की अपनी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने को लेकर अड़े रहे। बाद में पार्टी आलाकमान के मंसूबे साफ होने के बाद गिरिराज अब बेगूसराय के चुनावी मैदान में पूरी तरह उतर चुके हैं। शुक्रवार को हर-हर महादेव के नारे और काली मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ बीजेपी के इस फायर ब्रैंड नेता ने बेगूसराय में चुनावी अभियान की शुरुआत की। उधर, कन्हैया कुमार पहले से ही यहां क्षेत्र में जुटे हुए हैं।

बेगूसराय की इस हॉट सीट पर गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार लगातार एक-दूसरे को पटखनी देने के लिए नई-नई रणनीति और बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। एक तरफ जहां कन्हैया कुमार गिरिराज को बाहरी बताकर वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं, वहीं गिरिराज लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि भले ही उनका जन्म लखीसराय के बड़हिया में हुआ हो लेकिन वह पिछले 25 वर्षों से बेगूसराय के लोगों और यहां की संस्कृति से करीब से जुड़े हुए हैं।

आरजेडी प्रत्याशी तनवीर यहां मुकाबले में जरूर हैं, लेकिन गिरिराज प्रमुख रूप से कन्हैया को ही निशाना बना रहे हैं। ट्विटर पर भी गिरिराज के पोस्ट कन्हैया को घेरते हुए ही दिखते हैं। गिरिराज यहां वामपंथ को निशाने पर लेकर कन्हैया को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कन्हैया का समर्थन करने पहुंचे जिग्नेश मेवाणी पर भी केंद्रीय मंत्री ने निशाना साधते हुए उन्हें बिहार के प्रवासियों पर गुजरात में पिछले साल हुए हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया।

फिलहाल पिछले दो-तीन दिनों से गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार चुनावी अभियान की रूपरेखा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। शुक्रवार को सीपीआई की एक बैठक में भी इसकी एक रूपरेखा तय की गई। माना जा रहा है कि गीतकार जावेद अख्तर और अभिनेत्री शबाना आजमी सहित प्रमुख वामपंथी नेता, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया के समर्थन में चुनाव प्रचार अभियान में यहां उतर सकते हैं। उधर, बीजेपी का प्रयास जेएनयू और राष्ट्रद्रोह जैसे मुद्दे पर कन्हैया को घेरने की तैयारी है। गिरिराज और कन्हैया की लड़ाई के बीच आरजेडी नेता तनवीर हसन धीरे-धीरे अपने कोर वोट बैंक को अपनी तरफ आकर्षित करने में जुटे हैं।