‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम में बालाकोट पर बोले मोदी, कैसे लिया फैसला।

‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम में बालाकोट पर बोले मोदी, कैसे लिया फैसला। 1

नई दिल्ली

पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘मैं भी चौकीदार’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे लिए देश और सवा सौ करोड़ भारतीय सबसे पहले हैं। मुंबई के एक शख्स अजय दवे की ओर से बालाकोट स्ट्राइक को लेकर फैसला लेने के रिस्क पर पूछे गए सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि यदि मोदी अपने राजनीतिक भविष्य का सोचता तो फिर मोदी नहीं होता। पीएम मोदी ने कहा, ‘बालाकोट मैंने नहीं बल्कि देश के जवानों ने किया है। हम सभी की तरफ से उनको सल्यूट। जहां तक निर्णय का सवाल है तो यदि मोदी अपने राजनीतिक भविष्य का सोचता तो फिर वह मोदी नहीं होता। अगर यही राजनीतिक पैंतरेबाजी से देश चलाना होता और नफा-नुकसान जोड़कर देश चलाना होता तो मोदी के पीएम बनने की कोई जरूरत नहीं थी। मेरे लिए देश सबसे ऊपर है।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं यह फैसला इसलिए कर पाया क्योंकि मुझे अपनी सेना पर भरोसा है। उन्हें छूट इसलिए दी क्योंकि मुझे उनके अनुशासन पर भरोसा है।’ पीएम ने कहा, ‘आतंकी उरी में आएं और मुंबई में आएं लोगों को मारकर चले जाएं। सेना लड़ रही है और आतंकियों से निपट रही है, लेकिन मैंने सोचा कि यह आतंकी कहां से कंट्रोल होते हैं तो फिर वहीं निपटा जाए।’ पीएम मोदी ने कहा कि हमने पाकिस्तान में ऐसी जगह पर वार किया है कि पता चल गया कि वहां आतंकी कैंप चलते हैं। उन्हें छिपाना पड़ रहा है। लेकिन दुर्भाग्य है कि हमारे देश में मोदी को गाली देने में उत्साही लोग अपने बयानों से पाक की मदद कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, देश के लोग टैक्स देते हैं और अलग-अलग तरह से पैसे देते हैं। इस पर गरीबों का हक होता है। मैंने कहा था कि देश के गरीबों के इस धन पर कभी कोई पंजा नहीं पड़ने दूंगा और मैं इसके लिए चौकीदारी करता रहूंगा। देश के 500 स्थानों पर बैठे लोगों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘देश के लिए कुछ कर गुजरने वाले और राष्ट्र के सम्मान में ही अपना गर्व अनुभव करने वाले लाखों लोगों से टेक्नॉलजी के माध्यम से मुझे मिलने का आज सौभाग्य मिला है। टीवी चैनलों के माध्यम से देश के करोड़ों परिवारों के साथ भी संवाद करने का मुझे सौभाग्य मिला है।’ पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों की बौद्धिक मर्यादाएं होती हैं। इसलिए वे ज्यादा सोच नहीं पाते हैं और वे यही सोचते हैं कि चौकीदार का मतलब सीटी, टोपी और डंडा से होता है, लेकिन असल में चौकीदार होना एक स्पिरिट है।

पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं भी चौकीदार’ महात्मा गांधी के ट्रस्ट्रीशिप के सिद्धांत पर आधारित है। पीएम मोदी ने कहा कि पढ़े-लिखे, अनपढ़, किसान, कामगार, नौकरीपेशा से लेकर देश का हर आदमी चौकीदार है। अब हर शख्स चौकीदार है तो फिर चोर कहां बचेंगे? जनता मेरे साथ है और मुझे पता है कि देश की जनता को राजा-महाराजाओं की जरूरत नहीं है, वह चौकीदार पसंद करती है। मुझे खुशी है कि चौकीदार के भाव का निरंतर विस्तार हो रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘2013-14 में जब देश का चुनाव चल रहा था, तब मैं देश के लिए नया था। सीएम के तौर पर ही मेरी थोड़ी बहुत पहचान थी, मेरे आलोचकों ने ही मेरी प्रसिद्धि ज्यादा की थी। मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं क्योंकि उनके चलते ही पूरे देश में मेरे लिए जिज्ञासा पैदा हुई थी।’ पीएम ने कहा, ‘लोगों में यह जिज्ञासा पैदा हुई थी कि देश में तो अनेकों मुख्यमंत्री हैं, लेकिन यह क्या चीज है। इसके चलते ही बीजेपी ने मुझे यह दायित्व दिया और देश भर के लोगों से मिलने का मौका मिला। मुझे लगा कि मैं लोगों से क्या कहूंगा? तब मैंने कहा कि आप दिल्ली का जो दायित्व मुझे दे रहे हैं तो यह समझिए कि आप चौकीदार बैठा रहे हैं।’