विजय मुहूर्त में बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने गांधीनगर सीट से भरा नामांकन

विजय मुहूर्त में बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने गांधीनगर सीट से भरा नामांकन 1

गांधीनगर

बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह शनिवार को गुजरात के गांधीनगर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। भगवा पार्टी का गढ़ कहे जाने वाले गांधीनगर में एनडीए में शामिल सहयोगी दलों के नेताओं के साथ अमित शाह चार किलोमीटर लंबा रोड शो करके शक्ति प्रदर्शन करेंगे।

रोड शो से पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘1982 में मैं यहां बूथ कार्यकर्ता के रूप में नारनपुरा इलाके में पोस्‍टर और पर्चा चिपकाता था और आज पार्टी अध्‍यक्ष हूं। आज मेरे पास जो भी है, वह बीजेपी की देन है। आज चुनाव केवल इस बात पर लड़ा जाएगा कि इस देश का नेतृत्‍व कौन करेगा। देश के कोने-कोने से मोदी-मोदी आवाज आ रही है। मोदी निश्चित रूप से देश के प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। मैं गुजरात की जनता से अपील करना चाहता हूं कि गुजरात की सभी 26 सीटें नरेन्द्र मोदी को दे दीजिए और शान से प्रधानमंत्री बनाइए।’

अमित शाह का यह रोड शो अहमदाबाद के नारनपुरा इलाके में सुबह सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्‍यार्पण से शुरू हुआ। यह रोड शो करीब 4 किमी लंबा होगा और घाटलोदिया इलाके में पाटीदार चौक पर खत्म होगा। शाह के रोड शो में शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, एलजेपी के रामविलास पासवान और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी हिस्‍सा ले रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह भी रोड शो में शामिल हैं।

बता दें कि गुजरात से राज्यसभा के लिए चुने गए शाह को बीजेपी इस बार लालकृष्ण आडवाणी के स्थान पर गांधीनगर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। शाह के नामांकन के दौरान राज्‍य में पार्टी को मजबूत करने वाले आडवाणी मौजूद नहीं रहेंगे। आडवाणी अब तक छह बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। गुजरात की सभी 26 सीटों पर मतदान 23 अप्रैल को होगा। नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 4 अप्रैल है।

गांधीनगर सीट बीजेपी के लिए अभेद्य किला रही है। वर्तमान समय में बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी सांसद हैं। राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की कर्मभूमि रही गांधीनगर सीट बीजेपी के लिए हमेशा से ही विजय की गारंटी रही है। पार्टी वर्ष 1989 से लगातार इस सीट पर जीत हासिल करती आई है। गांधीनगर सीट पर 1967 में पहली बार चुनाव हुआ था और इसमें काग्रेंस को विजय मिली थी। इसके बाद वर्ष 1971 के चुनाव में कांग्रेस, 1977 के चुनाव में जनता दल और 1980 में कांग्रेस को जीत मिली।

साल 1989 के चुनाव में बीजेपी के नेता और बाद में राज्‍य के सीएम बने शंकर सिंह वाघेला ने गांधीनगर सीट पर कब्‍जा कर लिया। तब से लेकर अब तक इस सीट पर भगवा परचम लहरा रहा है। वर्ष 1991 में लालकृष्‍ण आडवाणी और 1996 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस सीट से जीत हासिल की थी। इसके बाद 1998 से लेकर अब तक आडवाणी ने इस सीट का प्रतिनिधित्‍व किया है। पार्टी ने अब उनकी जगह पर शाह को उम्‍मीदवार बनाया है।

गांधीनगर लोकसभा सीट पर वाघेला और पटेल बिरादरी का वर्चस्‍व है। गांधीनगर में सात विधानसभा क्षेत्र गांधीनगर उत्‍तर, घटोलडिया, साबरमती, कलोल, बेजालपुर, सानंद और नारनपुरा आती है। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सात में से 5 विधानसभा सीटों पर कब्‍जा किया था। इस सीट पर बीजेपी के दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस पार्टी को शाह के खिलाफ उम्‍मीदवार तलाशने में कड़ी मशक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है। शाह इस क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं और माना जाता है कि आडवाणी के चुनाव प्रचार की पूरी कमान शाह ही संभालते थे।

शाह के लिए गांधीनगर हमेशा से ही खास रहा है। शाह सरखेज और नारनपुरा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। शाह कई साल तक नारनपुरा में रहे हैं। वह लाखों कार्यकर्ताओं को उनके नाम से जानते हैं। पार्टी अध्‍यक्ष बनने के बाद उन्‍होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, नौकराशाहों और आम जनता से संपर्क बनाकर रखा है। वह अक्‍सर यहां आते रहते हैं। शाह गुजरात क्रिकेट संघ के अध्‍यक्ष हैं जो यहां पर दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मैदान बनवा रहा है। इसमें 1.10 लाख दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी।

शाह को गांधीनगर से उतारने के पीछे पार्टी की एक बड़ी रणनीति है। दरअसल, पार्टी ने पीएम मोदी के वाराणसी से चुनाव लड़ने को देखते हुए राज्‍य में कांग्रेस की चुनौती से निपटने और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए शाह को गांधीनगर से मैदान में उतारा है। राज्‍य के मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी कहते हैं कि कार्यकर्ता इस बात से रोमांचित हैं कि शाह गांधीनगर से चुनाव लड़ रहे हैं। उधर, पार्टी सूत्रों के मुताबिक शाह का पार्टी अध्‍यक्ष के रूप में कार्यकाल समाप्‍त होने जा रहा है और चुनाव में जीत के बाद वह पीएम मोदी के बाद लोकसभा में दूसरे नंबर के नेता की भूमिका निभाएंगे।