न्यूजीलैंड मस्जिद हमले के बाद कड़े हुए ‘फेसबुक लाइव’ के नियम

न्यूजीलैंड मस्जिद हमले के बाद कड़े हुए 'फेसबुक लाइव' के नियम 1

नई दिल्ली

सोशल मीडिया साइट फेसबुक ने अपने मंच पर सीधे प्रसारण (लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग) से जुड़े नियमों को कड़ा कर दिया है। कंपनी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि ऐसा उसने न्यूजीलैंड में एक मस्जिद पर हमले के वीडियो का लाइव प्रसारण किए जाने के बाद किया है।

‘द क्राइस्टचर्च’ नस्लवादी हमले में करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी। हमलावर व्यक्ति श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ समझने की नस्लवादी सोच से ग्रसित था और उसने दो मस्जिदों में नमाज अता कर रहे लोगों पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो फेसबुक पर लाइव प्रसारित हुआ।

फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी शेरिल सैंडबर्ग ने एक ऑनलाइन पोस्ट में लिखा कि कई लोगों का यह सवाल उठाना वाजिब है कि ‘कैसे फेसबुक मंच का उपयोग लोग इस तरह के खतरनाक हमले के वीडियो को साझा करने के लिए कर सकते हैं। आतंकवादी हमलों को ध्यान में रखते हुए हम तीन कदम उठा रहे हैं। इसके तहत हम ‘फेसबुक लाइव’ के नियमों को कड़ा कर रहे हैं।

साथ ही हमारे मंच पर घृणा से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए कदम उठा रहे हैं और न्यूजीलैंड के समुदाय का समर्थन कर रहे हैं। सैंडबर्ग के अनुसार फेसबुक उन लोगों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है जिन्होंने उसके मंच पर सीधे प्रसारण के माध्यम से पूर्व में सोशल नेटवर्क समुदाय के मानकों का उल्लंघन किया है।

फेसबुक ने अभी तक 900 से ज्यादा ऐसे वीडियो की पहचान की है, जिनमें 17 मिनट के उस नरसंहार की तस्वीरें दिखाई गई हैं। फेसबुक ने इस वीडियो की पहचान अपनी एआई टूल की मदद से की है, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हेट ग्रुप को रिमूव किया है। बता दें कि इससे पहले फेसबुक ने जानकारी दी थी कि उन्होंने हमले के 24 घंटे के अंदर ही दुनियाभर में मौजूद 15 लाख वीडियो को हटाया है, जिसमें न्यूजीलैंड मस्जिद हमले की फुटेज थी।