चौकीदार से सिर्फ दो लोग परेशान, एक कांग्रेस और दूसरे आतंकवादी-PM

चौकीदार से सिर्फ दो लोग परेशान, एक कांग्रेस और दूसरे आतंकवादी-PM 1

डिग्रूगढ़, असम

लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के लिए चुनाव-प्रचार तेज कर दी है। शनिवार को वह असम के डिब्रूगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने असम के चाय उद्योग के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस को हर चायवाले से नफरत है और चायवालों का दर्द एक चायवाला ही समझ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुश्मन के घर में घुसकर मारा, पूरा देश इससे खुश है मगर कांग्रेस के परिवार और आतंकियों के घर-बार में बेचैनी है।

उन्होंने जनसभा में आए लोगों से पूछा, ‘आप लोग अपने चौकीदार से खुश हैं ना? आप खुश हैं, लेकिन दो लोग ऐसे हैं जो खुश नहीं है। एक है कांग्रेस का परिवार और दूसरा है आतंकियों का घर-बार। आप जब वोट देंगे तो सबसे ज्यादा कष्ट इन्हीं को होगा। भारत ने पहली बार दुश्मन के घर में घुसकर मारा। आप खुश हैं ना? लेकिन कांग्रेस परेशान है। हमने जब एयर स्ट्राइक की तो भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी हो गई, लेकिन कांग्रेस की नींद उड़ गई।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘इन लोगों को चौकीदारों से नफरत तो है ही, साथ ही इन्हें चायवालों से भी नफरत है।’ अपनी ओर इशारा करते हुए मोदी ने कहा, ‘मुझे लगता था कि इन्हें सिर्फ एक चायवाले से नफरत है, लेकिन पश्चिम बंगाल हो या असम, जो भी चाय से जुड़ा है उस हर शख्स से इन्हें नफरत है। लेकिन चायवालों का दर्द एक चायवाला ही समझ सकता है। चाय बागान में काम करने वालों के हमने बैंक अकाउंट खुलवाए। चाय बागान में काम करने वाली प्रसूता माताओं के अकाउंट में 12 हजार रुपये दिए हैं।’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने हमेशा लटकाने और भटकाने का काम किया है। धोला सादिया पुल हो या बोगीबील पुल, दशकों से लटके इन पुलों को पूरा करने का काम इस सरकार ने किया है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने असम के 27 लाख परिवारों को 5 लाख तक के मुफ्त इलाज का लाभ दिया। मुद्रा लोन के जरिए लाखों युवाओं को स्वरोजगार का मौका दिया है। यह सब आपके विश्वास के ही कारण संभव हुआ है। असम के 24 लाख किसान परिवारों के खातों में 6 हजार रुपये सालाना की तय राशि डालने का काम भी हमारी सरकार ने किया।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस ने पिछले 70 सालों में भारत की छवि मजबूर देश वाली बना दी। अब आपको तय करना है कि आपको मजबूत और निर्णायक सरकार चाहिए या मजबूर सरकार चाहिए। भारत तभी मजबूत होगा, जब असम और नॉर्थ-ईस्ट मजबूत होंगे। केंद्र की सरकार इस काम में लगी हुई है।’