खींचतान के बाद आखिरकार सुलझा बिहार में महागठबंधन के सीटों का विवाद

खींचतान के बाद आखिरकार सुलझा बिहार में महागठबंधन के सीटों का विवाद 1

पटना

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया। पटना में एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के पूर्व डेप्युटी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने लोकसभा सीटों को लेकर हिस्सेदारी का ऐलान किया। सीट शेयरिंग के फॉर्म्युले के तहत सुपौल और पटना साहिब लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में आई है। वहीं, पाटलिपुत्र, दरभंगा, सारण और बेगूसराय सीट आरजेडी के हिस्से में गई है। इसके साथ ही सीवान, महाराजगंज, बक्सर, जहानाबाद और गोपालगंज सीट भी आरजेडी के पास आई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा, ‘महागठबंधन अटूट है और हमने पहले भी कहा है कि यह महागठबंधन जनता के दिलों का गठबंधन है। आने वाली लड़ाई संविधान बचाने की है। लोकतंत्र को बचाने की है। न्याय और अन्याय, सच और झूठ की लड़ाई है। दो चरण के उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है।’ तेजस्वी ने इस दौरान बाकी के पांच चरणों की सीटों पर पार्टीवार सीट शेयरिंग का ऐलान किया।

आरजेडी के पास 19 सीटें हैं जिनमें, भागलपुर, बांका, मधेपुरा, दरभंगा, वैशाली, गोपालगंज, सीवान, महाराजगंज, सारण, हाजीपुर, बेगूसराय, पाटलिपुत्र, बक्सर, जहानाबाद, नवादा, झंझारपुर, अररिया, सीतामढ़ी औऱ शिवहर है।

जबकि कांग्रेस के पास ये 9 सीटें हैं, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, समस्तीपुर, मुंगेर, पटना साहिब, सासाराम, वाल्मीकि नगर, सुपौल।

वहीं बाकि दलों को ये 12 सीटें मिली है। जिनमें आरएलएसपी को 5 सीटें, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, उजियारपुर, काराकाट और जमुई
जबकि हम को 3 सीटें नालंदा, औरंगाबाद और गया। तो वीआईपी को भी 3 सीटें मधुबनी, मुजफ्फरपुर, खगड़िया औऱ
सीपीआई (एमएल) के पास आरा सीट मिली।