टीवी डिबेट मैं भाउ भाउ

आज मन नहीं कर रहा बकैती करने का बहुत दुखी है बार बार बदला बदला चिल्ला रहा है। लेकिन टीवी डिबेट मैं भाउ भाउ वैसे ही हो रहा है जैसे पहले था।
आज तक भाई एगो बात समझ में बिलकुल नहीं आया की जब पता है की कैउन पक्ष में है कौन बिपक्ष में तो भौ भौ काहे। जब टीवी खोले तब ४-५ लोग पंचायत करते दिखाई देंगे। सुबह सुबह नाहा धोके अच्छा कपड़ा पहन के तैयार होते है, जाने कब कौन सा टीवी चैनल कॉल करे दे।

भाई लोग ई लोग नीचे बड़े बड़े चैनल की दफ्तरवा में एक ही साथ रसगुल्ला काटते हैं, और टीवी पर जानी दुश्मन। इन जैसे लोगो से बड़ा सावधान रहना पड़े गा। कउनो भी मुद्दा पर बहस बहुत जरूरी है , लेकिन उसके लिए बहस करने वाला केतना योग्य है पता होना चाहिए।

असल बात ये है की आप उनको ही बुलाओ जो हम जइसन अनजान लोग के कुछ ज्ञान दे सके, ना की उनके जे एक दूसरे का कुरता फाड़ते है।