देवबंद में आज माया-अखिलाश-अजित की पहली रैली

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजनीति एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। करीब 25 साल बाद एसपी और बीएसपी के मुखिया एक साथ चुनावी मंच शेयर कर दलित आंदोलन के गढ़ बने सहारनपुर से चुनावी आगाज करने जा रहे हैं। दरअसल, साल 1993 में यह नारा सुनने को मिला था- ‘मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम’ और सचमुच यूपी में ऐसी सियासी हवा चली कि एसपी-बीएसपी की आंधी में बीजेपी सत्ता से बेदखल हो गई। बीजेपी को उस सियासी नुकसान को भरने में सालों लग गए। अब एक बार फिर से पुरानी सियासी कड़वाहट को भुलाते हुए दोनों पार्टियों ने हाथ मिलाया है और सबकी नजरें अब इस बात पर टिकी हैं अखिलेश और मायावती का यह शक्ति प्रदर्शन यूपी की सियासत का रुख किस ओर मोड़ेगा।

सहारनपुर के देवबंद से बीएसपी, एसपी और आरएलडी की संयुक्त 11 रैलियों का आगाज होगा। देवबंद के जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास रैली स्थल पर एक लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे। सूत्रों के मुताबिक एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती के लिए दो हेलिपैड बनाए गए हैं जबकि आरएलडी चीफ अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी सड़क के रास्ते पहुंचेंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो माया सबसे आखिर में रैली को संबोधित करेंगी।

माना जा रहा है कि एसपी संरक्षक मुलायम सिंह यादव रविवार की रैली में तो उपस्थित नहीं रहेंगे लेकिन 19 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र मैनपुरी में होने वाली संयुक्त रैली में शामिल होंगे। आपको बता दें कि गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे में बीएसपी के हिस्से राज्य की 38 सीटें, एसपी के हिस्से 37 सीटें और आरएलडी के हिस्से तीन सीटें आई हैं।

गठबंधन की रणनीति है कि जिस सीट पर कांग्रेस मजबूत चुनाव लड़ सकती है, वहां गठबंधन के तीनों दल के नेता संयुक्त रैली करें और जहां कांग्रेस फाइट से बाहर है, वहां अपने-अपने दल के लिए नेता काम करें। इसी रणनीति के मुताबिक सहारनपुर में मायावती, अखिलेश और जयंत चौधरी तीनों संयुक्त रैली 7 अप्रैल को करेंगे, लेकिन 8 अप्रैल को मेरठ और गौतमबुद्धनगर में बीएसपी प्रमुख मायावती ही रैली करेंगी। ये दोनों सीटें बीएसपी के पास हैं। इसी तरह अखिलेश यादव भी अकेले ही कैराना में एसपी कैंडिडेट के लिए वोट मांगेंगे। अखिलेश बागपत में भी जयंत के लिए सभा करेंगे। वहीं आरएलडी के हिस्से की बागपत और मुजफ्फरनगर सीट पर अजित और जयंत ही प्रमुखता से प्रचार का जिम्मा संभालते रहेंगे।

बीजेपी अपने कैंडिडेट्स की जीत के लिए माहौल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियां यहां पर पहले ही करवा चुकी है। पहले फेज में वेस्ट यूपी की आठ सीटों- मेरठ, बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कैराना में चुनाव 11 अप्रैल को होगा। इसके लिए बीजेपी एक पखवाड़े से रैली और सभा-सम्मेलन कर रही है। पीएम, सीएम, डिप्टी सीएम समेत तमाम नेता यहां प्रचार कर चुके हैं। विपक्ष अभी तक प्रचार के नाम पर बैकफुट पर दिख रहा था, लेकिन अब गठबंधन और कांग्रेस दोनों की रणनीति फ्रंटफुट पर आने की है।