कांग्रेस पर पीएम मोदी का वार, कहा- उनको मलाई की चिंता, हमें देश की भलाई की चिंता

आलो, अरुणाचलप्रदेश

लोकसभा चुनावों के आगाज के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के आलो में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की चाहे दिल्ली में सरकार हो या फिर किसी राज्य में इनका करप्शन से हमेशा मजबूत साठगांठ रही है। पीएम ने कहा कि उनको केवल मलाई की चिंता रहती है और हमें देश की भलाई की चिंता रहती है।

पीएम ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश बीजेपी के लिए सौभाग्य लाने वाला प्रदेश रहा है। उत्तर पूर्व में कमल खिलने का सिलसिला यहीं शुरू हुआ था। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि 2019 में भी आप अरुणाचल में पेमा खांडू और केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनाने में मदद करेंगे।’

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, ‘कांग्रेस की हमेशा करप्शन से मजबूत साठगांठ रही है। यह सबको बांधने वाला फेविकॉल करप्शन है। उनके नेता गरीबों की थाली चुराते हैं, उनके दिल्ली में बैठे नेता इनकम टैक्स चुराते हैं। अखबार चलाने के लिए दी गई जमीन से लाखों रुपये किराया कमाता है। रक्षा सौदों में दलाली खाता है। खुद वो जमानत पर है, जो बेल पर है, वो चौकीदार को गाली दे रहा है।

मोदी ने कहा, ‘न ये देश के जवान की चिंता करते हैं और न ही नौजवान की चिंता करते हैं। भारत जब भी बड़ी सफलता हासिल करता है तो नामदारों और उनके दरबारियों के चेहरे लटक जाते हैं। बस रोना बाकी रह जाता है। सर्जिकल स्ट्राइक के समय ये आपने खुद देखा है, जब भारत ने आतंकियों को घर में घुसकर मारा तो इनका क्या रवैया रहा है। जब हमारे वैज्ञानिक दुनिया को हैरान कर देते हैं, तब भी ये मजाक बनाने का खोज लेते हैं। जिस बात पर देश गर्व करता है, उसी बात पर इनलोगों को दुख होता है। दुनिया में भारत डंका बजता है तो ये दुखी हो जाते हैं, ये आतंकियों के आका की बातें बोलते हैं। भारत में इनको पूछने वाला नहीं है, पाकिस्तान में इनकी जय-जयकार हो रही है। उनको एक पड़ोसी देश पर इतना प्यार आ रहा है कि अब नार्थ-ईस्ट ही नहीं, भारत भी उनको नहीं भा रहा है।’

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर सिलसिलेवार हमला बोलते हुए कहा कि आपने पहले की सरकारों के तौर-तरीके भी देखे हैं, खुद को भारत का भाग्य विधाता समझने वाले लोग कितनी बार अरुणाचल आए हैं। उन्होंने कहा, ‘आपके इस चौकीदार ने दिल्ली को आपको दिल से जोड़ने की कोशिश की है। अरुणाचल भारत का राज्यभर नहीं है बल्कि यह भारत की मजबूत ढाल है। कांग्रेस के नामदारों ने ना तो इसकी परवाह की और न ही आपकी आशाओं, आकांक्षाओं को सम्मान दिया है। अरुणाचल को रेल मैप पर लाने का सौभाग्य आजादी के सात दशक बाद इस चौकीदारी को मिला है।’